17 फीट के मगरमच्छ ने खाना खिला रही वैज्ञानिक को खींचा और जिंदा खा लिया

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जकार्ता। मगरमच्छ के करीब जाना, अपनी जान के साथ खिलवाड़ करना है। उस पर कभी भी भरोसा नहीं किया जा सकता, फिर चाहें आप उसे रोज खाना ही क्यों न खिलाते हों। ऐसा ही कुछ हुआ 44 साल की महिला वैज्ञानिक के साथ, जिसे 17 फीट लंबे मगरमच्छ ने अपने बाड़े में घसीट लिया और जिंदा खा गया। जिस वक्त यह हादसा हुआ, उस वक्त महिला मगर को खाना खिला रही थी।

इंडोनेशिया के सीवी योस्की लैब में 44 वर्षीय डेसी टुवो शुक्रवार को मैरी नाम के मगर को खाना खिला रही थीं। इसी दौरान 8 फीट ऊंची कांक्रीट की दीवार को पार करते हुए मगर ने डेसी को पानी में खींच लिया। वह ब्यूटी प्रोडक्ट्स बनाने वाली लैब की हेड थीं। उनके साथी कर्मचारियों ने सुबह 8.45 बजे पानी में ‘विचित्र आकार’ को देखा, तो वे मगर के बाड़े के करीब पहुंचे।

वहां मगर जमीन पर बैठा था और डेजी का शव उसके जबड़े में था। उसने महिला वैज्ञानिक के बाएं हाथ को चबा लिया था और ऊपरी धड़ को क्षत-विक्षत कर दिया था। वह पहले भी एक मगर की जान ले चुकी थी, जिसने उसके साथ पूल शेयर किया था। स्टाफ के कर्मचारियों का कहना है कि मैरी परेशानी खड़ा करने वाला जानवर है।

डेजी शांतचित्त महिला थी और वह जानवरों से काफी प्यार करती थी। बचाव कर्मियों को डेजी के शव के अवशेषों को मगरमच्छ से बचाने के लिए काफी मशक्क्त करनी पड़ी। वे जब भी डेजी के शव को निकालने की कोशिश करते, मैरी काफी आक्रामक हो जाती।

पुलिस ने कहा कि उन्हें नहीं पता था कि लैब के पास किसी मगरमच्छ को रखा गया है। इस मामले में लैब के जापानी मालिक से भी संपर्क नहीं हो सका है। हादसे के दौरान वह लैब में नहीं था और घटना के बाद से लैब का मालिक वहां नहीं आया है। डेजी की पूर्व साथी मैरी सूपिट ने कहा कि डेजी लैब की हेड थी। वह शांत महिला थी। हम इस बात को लेकर भ्रमित हैं कि यह हादसा कैसे हुआ।

Courtesy…NaiDunia