बरगाढ़ी बेअदबी कांड के बाद नकोदर बेअदबी कांड में घिरे अकाली

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33 साल पहले बेकसूर युवकों को मारने वालो के खिलाफ करवाई की मांग

जालंधर (मुनीश/रोशन) पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की मुशिकले कम होने का नाम नहीं ले रही | अभी बरगाढ़ी में बेअदबी व् बह्बल कलां गोली काण्ड में उनके दामन पर लगे दाग धुले ही नहीं थे की पंजाब के जिला नकोदर में 1986 में श्री गुरु ग्रन्थ साहिब की बेअदबी के बाद हुए गोलीकांड में शहीद हुए 4 नौजवानों के परिज़नो ने जालंधर के प्रेस क्लब में मीडिया से रूबरू होते हुए अकाली दल को फिर से कटघरे में खड़ा कर दिया | मृतकों के परिज़नो ने पंजाब की कांग्रेस सरकार से जांच कर सिट बनाने की कि मांग की है और दोषियों को सज़ा देने की मांग की है |

 

हाथो में फोटो लिए यह वो लोग है जिन्होंने आज से तेतीस साल पहले अपने किसी को खोया है और आज भी वह नम आँखों से इन्साफ की तलाश में मीडिया के सामने आये है | मृतक नौजवानों के परिजनों ने बताया कि नकोदर में 2 फरवरी 1986 को श्री गुरु ग्रंथ साहिब को आग लगने की घटना के बाद सिख संगठनों द्वारा शिरोमणि अकाली दल के नेतायों के साथ धरना दिया गया था | स्थिति बिगडती देख पंजाब में सत्ताधारी अकाली सरकार ने इलाके में कर्फ्यू लगा दिया था | बावजूद इसके स्थानीय लोगों व् अन्य लोगो द्वारा जहाँ पर कर्फ्यू नही था वहां पर रोष मार्च निकाला |

मृतक रविंदर सिंह के पिता बलदेव सिंह लितरा का आरोप है की पुलिस द्वारा उन पर गोलियां चला दी गयी, जिसमे 3 नौजवानों झलमन सिंह, बलधीर सिंह रामगढ व् रविंदर सिंह लितरा की मौके पर मौत हो गयी | जिसके बाद पुलिस द्वारा चौथे युवक हरमिंदर सिंह की जालंधर के सिविल हस्पताल में ले जाते वक्त गोलियां मारी गयी जिससे उसकी भी मौत हो गई |

बलदेव सिंह का यह भी आरोप है की तब पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी और तब सुरजीत सिंह बरनाला मुख्य मन्त्री थे | उसके बाद जस्टिस गुरनाम सिंह ने इसकी जाँच कर रिपोर्ट बनाई जो 2001 में विधान सभा में चुप चाप पेश कर दी गई तब भी पंजाब में शिरोमणि अकाली दल की सरकार थी और तब प्रकाश सिंह बादल मुख्य मन्त्री थे | उनका कहना है की वह खुद अकाली है और उनके साथ उनकी ही पार्टी ने धोखा किया | उनका आरोप है की तब के एसएसपी इज़हार आलम व् अडिशनल डिप्टी कमिश्नर दरबारा सिंह गुरु के खिलाफ कारवाई की जाये |

इसी गोली कांड में अपने भाई खो चुकी झलमन सिंह की बहन राजविंदर कौर व् बलधीर सिंह की बहन कर्मजीत कौर का कहना है की उनके भाई की हत्या तो कर ही दी थी साथ ही उनके भाई की लाश भी उन्हें नहीं दी गई थी | उनका यह भी आरोप है की चारो युवको के शवो को एक साथ जला दिया गया था |

अब इन सब का कहना है की पंजाब सरकार इस मामले में भी SIT बना कर दोषी अधिकारीयों को सलाखों के पीछे खड़ा करे |