तीन बार चुना गया PM जेल में, जबकि दूसरे देशों पर आतंकी हमला करने वाले आजाद हैं : बिलावल

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इस्लामाबाद। बिलावल भुट्टो जरदारी ने उन समूहों के खिलाफ पाकिस्तान की निष्क्रियता पर सवाल उठाया है जो अन्य देशों पर हमला करते हैं। अपने देश की सरकार को कड़ी फटकार लगाते हुए कहा कि उनकी मां बेनजीर भुट्टो और पिता आसिफ अली जरदारी (पाकिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति) को सजा दी गई। वहीं, पाकिस्तान में बच्चों की हत्या करने वाले और विदेशी धरती पर आतंकी हमले करने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई।

बिलावल ने सवाल उठाया कि यह कैसे हो जाता है कि पाकिस्तान में तीन बार चुना गया पीएम जेल में है, लेकिन प्रतिबंधित संगठन आतंकी हमले करने के लिए आजाद हैं। पाकिस्तान की पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के बेटे बिलावल ने बुधवार को सिंध विधानसभा में पत्रकारों से यह बात कही।

वह एक शीर्ष विपक्षी नेता हैं और पाकिस्तान पीपल्स पार्टी (पीपीपी) के अध्यक्ष हैं। बिलावल भुट्टो ने दावा किया है कि इमरान खान की पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के कम से कम तीन मंत्री हैं, जिनके प्रतिबंधित समूहों से संबंध हैं। उन्होंने कहा कि यदि सरकार ने उनके खिलाफ कार्रवाई नहीं की, तो मजबूरन मुझे उनके नाम बताने होंगे।

उन्होंने आरोप लगाया कि इन मंत्रियों में एक ने चुनावी रैली के दौरान सार्वजनिक रूप से प्रतिबंधित संगठन के सदस्यों से मुलाकात की। बिलावल ने कहा कि ये मंत्री आज भी मानते हैं कि यदि कोई इन संगठनों या आतंकवाद के बारे में बात करता है, तो वह देश के खिलाफ बोल रहा है।

बिलावल ने कहा कि पाकिस्तान में तीन बार का निर्वाचित प्रधानमंत्री जेल में है, लेकिन प्रतिबंधित आतंकी संगठन हमारी धरती और दूसरे देशों में आतंकवाद फैलाने के लिए आजाद हैं। बताते चलें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने हाल ही में कहा कि उनकी सरकार इस्लामी आतंकवादी संगठनों के खिलाफ कार्रवाई करेगी। साथ ही किसी भी आतंकवादी समूह को पाकिस्तानी की जमीन से विदेश में हमले करने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

बताते चलें कि 14 फरवरी को दक्षिणी कश्मीर के पुलवामा में जैश-ए-मोहम्मद ने आतंकी हमला किया था, जिसमें सीआरपीएफ के 40 जवान शहीद हो गए थे। इसके बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच संबंध खराब हो गए हैं। हमले के जवाब में भारतीय वायुसेना ने 26 फरवरी को पाकिस्तान के खैबर-पख्तूनख्वा प्रांत में स्थित बालाकोट में चल रहे जैश के आतंकी ठिकानों पर हवाई हमले किए।

एक दिन बाद 27 फरवरी को भारतीय सैन्य प्रतिष्ठानों को निशाना बनाने के लिए पाकिस्तानी युद्धक विमानों ने कोशिश की थी, जिसे वायुसेना ने विफल करते हुए पाकिस्तान के एक एफ16 विमान को मार गिराया था। इसके बाद अमेरिका, ब्रिटेन और फ्रांस ने मसूद अजहर के खिलाफ यूएन में प्रतिबंध लगाने का प्रस्ताव पेश किया था। मगर, चीन ने अब एक बार फिर से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की समिति को जैश-ए-मोहम्मद के प्रमुख मसूद अजहर को ब्लैकलिस्ट करने से रोक दिया है।

Courtesy: naiDunia