कनाडा ने रिपोर्ट से हटाया सिख चरमपंथ का संदर्भ, पंजाब के मुख्यमंत्री अमरिंदर उतरे विरोध में

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टोरंटो। कनाडा की सरकार ने आतंकवाद पर अपनी 2018 की रिपोर्ट से सिख कट्टरपंथ के संदर्भ को हटा दिया है। कनाडा की सरकार ने सिख चरमपंथ से जुड़े आठ संदर्भ और खालिस्तान से जुड़े आठ संदर्भ को अपनी रिपोर्ट से हटा दिया है। बताते चलें कि खिखों के चरमपंथी संगठन भारत में अगल देश खालिस्तान बसाने की मांग करता रहा है।

‘2018 रिपोर्ट ऑन टेररिजम थ्रेट टू कनाडा’ में खालिस्तानी चरमपंथ के सभी संदर्भों को हटा दिया है। इसकी अपडेट रिपोर्ट को पब्लिक सेफ्टी कनाडा ने 12 अप्रैल को जारी किया था। हालांकि, इस मामले में पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो प्रशासन के फैसले का विरोध किया है। उन्होंने कहा कि घरेलू राजनीति के दबाव में कनाडा में लिबरल पार्टी की सरकार ने यह फैसला किया है।

यह चुनावी साल में सिख समुदाय के दबाव समूहों का बहाना बनाकर अपने राजनीतिक हितों को साधने के मकसद से किया गया है। मगर, दीर्घकाल में भारत और कनाडा के संबंध पर बड़ा असर पड़ेगा। इसके साथ ही कैप्टन अमरिंदर सिंह ने चेतावनी दी कि कनाडा सरकार के इस फैसले से भारत के साथ ही पूरी दुनिया के लिए भी खतरा पैदा होगा।

अमरिंदर सिंह ने कहा कि उन्होंने कनाडा को सबूत भी दिए थे कि किस तरह से उनकी धरती का इस्तेमाल खालिस्तानी सोच को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। सिंह ने 9 कट्टरपंथियों की सूची भी कनाडा के प्रधानमंत्री को दी थी।

बता दें कि आतंकवाद पर 2018 की रिपोर्ट को पिछले साल दिसंबर में जारी किया गया था। उस वक्त सिख समुदाय ने इसका तीखा विरोध किया था क्योंकि रिपोर्ट में पहली बार कनाडा में शीर्ष कट्टरपंथी खतरों में से एक के तौर पर सिख चरमपंथ के बारे में लिखा गया था।

 Courtesy: NaiDunia