Chandrayaan-2 Launch: इन पूर्व अधिकारियों ने कहा, तकनीकी खराबी से लॉन्चिंग ना होना ‘सामान्य’ घटना

22

नई दिल्ली। श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग रविवार देर रात अचानक तकनीकी खराबी की वजह से रोक दी गई थी। देश के इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट को वैज्ञानिकों द्वारा अंतिम समय में स्थगित किए जाने से कई लोगों को निराशा हुई है। हालांकि डीआरडीओ और आईडीएसए के अधिकारियों ने इस घटना को सामान्य करार दिया है।

DRDO के पब्लिक इंटरफेस के पूर्व डायरेक्टर रवि गुप्ता का कहना है कि ‘चंद्रयान-2 की लॉन्चिंग को स्थगित करना सही निर्णय था। इतने बड़े मिशन के दौरान हम किसी भी तरह का चांस नहीं ले सकते हैं। हर हिस्से की कई राउंड्स में टेस्टिंग की गई थी। हर मूवमेंट को हर सेकेंड में मॉनिटर करना होता है।’

वहीं दूसरी ओर इंस्टीट्यूट फॉर डिफेंस स्टडीज एंड एनालिसिस के पूर्व डायरेक्टर जी बालचंद्रन ने कहा कि ‘ये सामान्य है। अगर कोई तकनीकी दिक्कत है तो आप इसे ऐसे ही नहीं भेज सकते। इस मिशन की लागत सौ करोड़ से ज्यादा की है। तकनीकी समस्या छोटी या बड़ी हो सकती है, लेकिन इसका अध्य्यन करना बेहद जरुरी है।’

बता दें, श्रीहरिकोटा के सतीश धवन स्‍पेस सेंटर से यान की लॉन्चिंग तय समय रात 2.51 बजे से होना थी। लेकिन लॉन्‍च के व्हीकल सिस्‍टम में तकनीकी खामी देखी गई। इसके चलते फिलहाल लॉन्चिंग को स्‍थगित कर दिया गया है।

अब लॉन्‍च की नई तारीख की घोषणा बाद में की जाएगी। इसके पहले चंद्रयान-2 का काउंटडाउन शुरू हो गया था। इंजन में लिक्विड ऑक्सीजन और लिक्विड हाइड्रोजन भी भर दिया गया था।

Courtesy: NaiDUnia