पंजाब : सरकार ने 50% वेतन घटाया, नामी स्कूलों के प्रिंसिपल्स का इस्तीफा

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अब मैरिटोरियस स्कूलों के प्रिंसिपल्स का वेतन एक लाख रुपए से घटाकर 45 हजार रुपए कर दिया गया है।

अमृतसर.पंजाब में होनहार छात्रों को क्वालिटी एजुकेशन देने के मकसद से अकाली-भाजपा सरकार की ओर से खोले गए 10 मैरिटोरियस स्कूलों के स्टाफ का वेतन घटाने के बाद सभी प्रिंसिपलों ने एक साथ इस्तीफा दे दिया है। विभिन्न जिलों में खोले गए इन 10 स्कूलों में इस समय 9,300 बच्चे पढ़ रहे हैं। इन स्कूलों की 4,650 सीटों के लिए हर साल दाखिला परीक्षा ली जाती है।

रजिस्ट्रार व वार्डनों का वेतन भी किया कम

– सरकार के फैसले के मुताबिक, अब मैरिटोरियस स्कूलों के प्रिंसिपल्स का वेतन एक लाख रुपए से घटाकर 45 हजार रुपए कर दिया गया है। रजिस्ट्रार का वेतन भी 50 हजार से घटाकर 35 हजार और वार्डन का वेतन 35 हजार से कम करके 30 हजार रुपए कर दिया गया। 40 हजार रुपए वेतन पर काम कर रहे लेक्चररों को भी आदेश दिया गया है कि वे ये वेतन छोड़ दें।

– इसके बदले में उन्हें सरकारी विभाग में रख लिया जाएगा और तीन साल के लिए बेसिक वेतन 10,300 रुपए दिया जाएगा। सरकार के इस फैसले के बाद सभी प्रिंसिपल्स, जो रिटायर्ड आर्मी अधिकारी हैं, ने अपने इस्तीफे सरकार को भिजवा दिए हैं।

मेरिटोरियस स्कूल में पहले से कम स्टाफ

 मेरिटोरियस स्कूल में 80 फीसदी से कम अंक वाले बच्चों का एडमिशन नहीं होता। इनमें एडमिशन के लिए बाकायदा टेस्ट लिया जाता है। स्कूल स्टाफ में एक प्रिंसिपल, एक रजिस्ट्रार, दो डीपी, 8 नाॅन टीचिंग स्टाफ के अलावा 36 से 38 लेक्चरर जरूरी हैं। लेकिन स्टाफ की कमी वहां हमेशा ही स्कूल में देखी जाती रही। अमृतसर मेरिटोरियस स्कूल में 32, पटियाला में 23, संगरूर में 24, लुधियाना में 26, जालंधर में 36, बठिंडा में 26, मोहाली में 28 लेक्चरर ही काम कर रहे हैं।
Courtesy: Bhaskar