वायरल टेस्टः क्या सचमुच बर्थडे पार्टी में बैलून्स लगाना खतरनाक है?

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शानदार होटल में एक बेहद खूबसूरत लड़की के जन्मदिन मनाने की तैयारी. खुशनुमा माहौल, दोस्तों के ठहाके, म्यूजिक की धुन, टेबल पर सजा बर्थडे केक, उस पर लगी खास तरीके की कैंडल जो फुलझड़ी की तरह जलती है, बहुत सारे सुर्ख लाल और काले गुब्बारों की सजावट.

आसमानी रंग का स्लीवलेस गाउन पहने लड़की मुस्कराते हुए बर्थडे केक के पास पहुंचती है. तमाम दोस्त इस यादगार पल को कैमरे में कैद करने के लिए सामने खड़े हो जाते हैं. लड़की माचिस की तीली जलाकर कैंडल तक ले जाती है. कैंडल से पटाखे की तरह कुछ चिंगारी निकलती है. लेकिन इससे पहले कि हैप्पी बर्थडे टू यू की आवाज गूंजती. धड़ाम !!! की आवाज़…

आग की एक बड़ी सी लपट और चीखने-चिल्लाने का शोर मच जा जाता है. गाउन वाली बर्थडे गर्ल चिल्लाते हुए बदहवास भागते हुए दिखती है. और वीडियो खत्म हो जाता है.

पिछले कुछ दिनों से दिल दहलाने वाला ये वीडियो आग की तरह सोशल मीडिया पर फैल रहा है. सोशल मीडिया पर चल रहे तमाम वीडियो में ये भी कहा जा रहा है कि गुब्बारों में हीलियम गैस भरी थी जिसकी वजह से ये धमाका हुआ और आग फैल गई. खबरों और सोशल मीडिया में दो और फोटो खूब दिख रही हैं.

पहली फोटो में एक लड़की जली हुई हालत में बिस्तर पर बैठी दिख रही है जो देखने से बेडरूम की में ली गई तस्वीर लगती है.

दूसरी फोटो में एक लड़की लाल रंग की साड़ी में सजी धजी दिख रही है जो देखने से मॉडिलिंग के लिए प्रोफेशनल तरीके से ली गई तस्वीर लगती है. कहा ये जा रहा है दोनों तस्वीरों उसी लड़की की हैं जिसके जन्मदिन की पार्टी में बैलून्स में धमाका होकर आग लगी और वह बुरी तरह झुलस गई.

इंटरनेट पर अगर आप इन तस्वीरों को खोंजे तो आप ये देख कर हैरान रह जाएंगे कि ये खबर किस कदर वायरल है. भारत के तमाम भाषाओं के अखबार ही नहीं, कई विदेशी अखबारों की वेबसाइट पर ये खबर आपको दिख जाएगी. वही तीन तस्वीरें-बर्थडे मनाती लड़की और धमाका, बिस्तर पर बैठी लड़की जिसमें देखा जा सकता है कि उसकी बाहें झुलसी हुई हैं और चेहरे पर भी जलने के निशान हैं. तीसरी फोटो वही लाल साड़ी में सजी एक महिला का मुस्कराता हुआ फोटो. हर खबर में घटना के भारत में होने का जिक्र है, लेकिन कहीं पर भी ये नहीं पता चलता कि ये लड़की है कौन, ये घटना कहां की है और क्या ये तीनों तस्वीरें एक ही लड़की की हैं.

कैसे किया वायरल टेस्ट

खबर का वायरल टेस्ट करने के लिए सबसे पहले हमने इस बात को पक्का करना चाहा कि क्या बिस्तर पर बैठी हुई लड़की वही है जो बर्थडे केक काटते समय जल गई. जब हमने बर्थडे वाली वीडियो को स्लो मोशन में देखा तो लड़की के बांह पर एक तीर के जैसा टैटू दिखता है जो पलक झपकते ही गायब हो जाता है. बिस्तर पर बैठी हुई लड़की की शक्ल तो बर्थडे गर्ल से मिल ही रही थी, लेकिन पक्के सबूत के लिए हमने उसकी बांह पर टैटू खोजना चाहा. ठीक वही टैटू, जली हुई लड़की की बांह पर उसी जगह देखा जा सकता है. यानी दोनों फोटो एक ही लड़की की हैं, ये तय हो गया. लाल साड़ी वाली फोटो इंटरनेट पर तो कई जगह मौजूद थी, लेकिन ये पता नहीं चल पा रहा था कि क्या ये फोटो भी उसी लड़की की है.

अब ये पता करना था कि ये लड़की है कौन और कहां रहती है. जिस फोटो में लड़की बेड पर बैठी हुई दिख रही है अगर आप उसको ध्यान से देखें तो बगल में एक अखबार का कोना दिखता है. देखने से पता चल जाता है कि ये कन्न्ड़ भाषा का अखबार है. इस सबूत के आधार पर हमने कन्नड़ के अखबारों को इंटरनेट पर खंगालना शुरू किया तो पता चला कि 21 अप्रैल को oneindia.com के कन्नड़ एडिशन में इस बारे में एक खबर छपी है जिसमें बताया गया था कि मैसूर एक प्राइवेट होटल में जन्मदिन पार्टी के दौरान बैलून फटने से ये हादसा हुआ. हमने इस लड़की के बारे में और जानकारी जुटाने के लिए oneindia.com के दफ्तर में संपर्क किया.

पता चला कि ये घटना वाकई मैसूर की है. लड़की का नाम बबीता (बदला हुआ नाम) है और ये घटना मैसूर में के.आर. नगर में हुई थी. बबीता मैसूर के एक कॉलेज में बीएससी फर्स्ट ईयर की छात्र हैं. जब हमने कॉलेज की वाइस प्रिंसिपल सबीना से इस घटना के बारे में पूछा तो उन्होंने इसे लड़की का निजी मामला बताते हुए इस बारे में बात करने से इनकार कर दिया. लेकिन उन्होंने इतना माना कि जिस लड़की के साथ ये दुर्घटना हुई है वो यहीं पढ़ती है. बबीता का फोन नंबर लगातार पहुंच के बाहर था.

अब बबीता और इस दुर्घटना के बारे में और जानकारी पाने के लिए हमने उसके कुछ दोस्तों से बात की जो इस पार्टी में तो मौजूद नहीं थे, लेकिन दुर्घटना के फौरन बाद उससे मिले थे. नाम नहीं छापने की शर्त पर उसके एक दोस्त ने बताया कि बबीता का जन्मदिन 31 मार्च को होता है, लेकिन उसने दोस्तों के साथ जन्मदिन की पार्टी एक हफ्ते बाद मैसूर के एक प्राइवेट होटल में की थी. बबीता पढाई के साथ-साथ मॉडलिंग भी करती है. लाल साड़ी में जो फोटो वायरल हो रही है वो भी उसी की है. दुर्घटना के कई दिनों बाद तक परिवार और करीबी दोस्तों के अलावा किसी को इसके बारे में पता नहीं चला. लेकिन कुछ दिनों बाद किसी दोस्त ने ही धमाके वाली फोटो सोशल मीडिया पर शेयर कर दी. इसके बाद लोग बबीता को खोजने लगे और कन्नड़ मीडिया के कुछ लोगों ने उससे मुलाकात भी कर ली. इन्हीं मुलाकातों के दौरान उसके बेडरूम में ये फोटो किसी ने चुपचाप ले ली और ये फोटो भी सोशल मीडिया पर आ गई.

जब बढ़ गईं लड़की की मुश्किलें

जली हुई हालत में फोटो वायरल होने के बाद बबीता की मुश्किलें काफी बढ़ गयीं  और उसके पास तमाम लोगों के फोन आने लगे. कुछ ही दिनों पहले उसे एक कन्नड़ सीरियल में काम करने का ऑफर भी मिला था. बबीता ने सोचा था कि वो ठीक होने के बाद प्लास्टिक सर्जरी करा कर पहले जैसी हो जाएगी. लेकिन इस फोटो के सामने आने के बाद उसे लगा कि अब उसका करियर तबाह होना तय है. बबीता इतनी निराश हो गई कि उसने अपना फेसबुक अकांउट भी डिलिट कर दिया और अपना फोन बंद करके मैसूर के बाहर एक रिश्तेदार के यहां चली गयी. अब हमें ये बात समझ में आ गई कि लाल साड़ी वाली फोटो के बारे में कुछ पता क्यों नहीं चल पा रहा था और मॉडल होने के बावजूद बबीता का सोशल मीडिया पर कोई अता-पता क्यों नहीं मिल पा रहा था.

जांच पड़ताल में क्या निकला

जहां तक बैलून में आग लगने की बात थी, बबीता के दोस्तों ने बताया कि वाकई कैंडेंल जलाने के बाद ही धमाका हुआ था. लेकिन क्या बैलून में धमाका इसलिए हुआ कि उसमें हीलियम गैस भरी थी. दरअसल सच्चाई ठीक इसके उलट है. अगर गुब्बारों में हीलियम भरी होती तो उसमें आग नहीं लगती. गुब्बारे में हीलियम नहीं, हाइड्रोजन गैस भरी थी. हीलियम में आग लगने के खतरे के बारे में हमने बीएचयू में कैमेस्ट्री के प्रोफेसर डॉ. बी.बी. प्रसाद से बात की तो उन्होंने बताया कि हीलियम इनर्ट गैस है जिसमें आग नहीं लगती, लेकिन हाइड्रोजन आग लगने के हिसाब से बेहद खतरनाक गैस है.

दिल्ली में बर्थडे बैलून्स का कारोबार करने वाले अभिषेक त्रिपाठी ने बताते हैं, लोग हीलियम और हाइड्रोजन वाले गुब्बारे इसलिए इस्तेमाल करते हैं क्योंकि ये गैस हवा से हल्की होनी की वजह से बैलून्स को ऊपर की ओर उठाए रखती है जो सजावट में अच्छे दिखते हैं. हाइड्रोजन गैस सस्ती होती है और हीलियम मंहगी. हाइड्रोजन गैस से भरे एक गुब्बारे की कीमत करीब 15 रुपये होती है. वहीं हीलियम से गैस से भरे एक गुब्बारे की कीमत 40 रुपये. इसलिए लोग पैसे बचाने के लिए ज्यादातर हाइड्रोजन गैस का इस्तेमाल करते हैं. जाहिर है, बबीता के जलने की वजह, हीलियम नहीं बल्कि हाईड्रोजन के बैलून्स थे.

वायरल टेस्ट में खबर तो सही निकली, लेकिन सोशल मीडिया पर ज्यादातर जगह जिस हीलियम गैस के गुब्बारों से लोगों को आगाह किया जा रहा वो सच्चाई से ठीक उलट है.

Courtesy: aajtak