Wednesday, September 30, 2026
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New Zealand में Jalandhar के युवक को मर्डर केस में उम्रकैद:लुधियाना के गुरजीत पर चाकू से किए थे 46 वार, माता-पिता का था इकलौता बेटा

न्यूजीलैंड के ड्युनेडिन में लुधियाना के युवक गुरजीत सिंह की हत्या करने वाले जांलधर के रजिंदर सिंह को कोर्ट ने उम्र कैद की सजा सुना दी है।

रजिंदर सिंह ने गुरजीत सिंह पर चाकू से 46 वार करके उसकी हत्या की थी। रजिंदर सिंह ने 29 जनवरी 2024 को न्यूजीलैंड में देर रात गुरजीत सिंह के घर पर घुसकर उसकी हत्या की थी। राजिंदर सिंह ने गुरजीत के गले पर इतने वार किए कि उसका सिर धड़ से अलग होने वाला था।
न्यूजीलैंड की अदालत में दो साल केस चलने के बाद आखिरकार गुरजीत के परिवार को न्याय मिल गया और हत्यारे को 17.5 साल जेल में रहना होगा। इस दौरान उसे पैरोल भी नहीं दी जाएगी। जस्टिस डनिंगहम ने राजिंदर को पीड़ित के परिवार और विधवा को $8,000 से अधिक का भुगतान करने का भी आदेश दिया है।
गुरजीत की उम्र तब 27 साल थी और वह अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। गुरजीत सिंह के पिता निशान सिंह ने न्यूजीलैंड कोर्ट के फैसले के बाद कहा कि आखिर कार उन्हें अंतिम न्याय मिल गया।
अब उनके बेटे की आत्मा का शांति मिल जाएगी। उन्होंने कहा कि पूरे मुकदमे के दौरान उनके लिए यह बहुत कठिन समय था। खासकर मां के लिए क्योंकि उनका स्वास्थ्य भी ठीक नहीं है।
फैसला आने के बाद रोती हुई गुरजीत सिंह की माता-पिता।
फैसला आने के बाद रोती हुई गुरजीत सिंह की माता-पिता।
रजिंदर सिंह ने क्यों की गुरजीत सिंह की हत्या, जानिए…
  • गुरजीत का बॉस था रजिंदर सिंह: रजिंदर सिंह न्यूजीलैंड में एक फाइबर-ऑप्टिक केबल टेक्नीशियन के रूप में काम करता था। वह एक तरह से गुरजीत का पूर्व बॉस या सीनियर सहकर्मी भी रह चुका था। गुरजीत भी इसी क्षेत्र में काम करता था। शुरुआत में उसने रजिंदर के अधीन काम किया था, लेकिन बाद में उन्होंने अपना खुद का व्यवसाय शुरू कर दिया था। वह केबल बिछाने और तकनीकी सेवाओं का काम करता था।
  • गुरजीत की पत्नी ने रजिंदर का ठुकरा दिया था रिश्ता: कोर्ट की कार्यवाही के दौरान यह सामने आया कि रजिंदर और गुरजीत के बीच तनाव का मुख्य कारण कोई काम नहीं, बल्कि शादी का प्रस्ताव था। रजिंदर, गुरजीत की पत्नी से शादी करना चाहता था। परिवार ने उनका रिश्ता तय भी कर दिया था। लेकिन उसने रजिंदर के साथ रिश्ता ठुकरा दिया और रजिंदर के जूनियर रहे गुरजीत से शादी कर ली थी।
  • गुरजीत ने रजिंदर की बहन का रिश्ता ठुकराया: गुरजीत सिंह न्यूजीलैंड में सेट हो गया था। रजिंदर चाहता था कि उसकी बहन की शादी गुरजीत से हो। उसने गुरजीत के सामने यह प्रस्ताव रखा। जिसे गुरजीत ने यह कहकर मना कर दिया था कि उसकी बहन अभी बहुत छोटी है। इन्हीं व्यक्तिगत रंजिशों के कारण राजिंदर ने इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। ड्युनेडिन के उच्च न्यायालय में जस्टिस डनिंगहम ने रजिंदर को कहा कि हत्या का कारण गुरजीत व उसकी पत्नी को सबक सिखाना था क्योंकि गुरजीत की पत्नी ने रजिंदर के साथ तय किए गए रिश्ते को ठुकरा दिया था।हत्या का दोषी रजिंदर सिंह।
गुरजीत के हत्यारे को सजा दिलाने में रहे ये 3 अहम कारण…
  • सीसीटीवी फुटेज ने निभाई अहम भूमिका (CCTV): राजिंदर सिंह को पकड़ने में सीसीटीवी फुटेज की बड़ी भूमिका रही। पुलिस ने आरोपी की कार को घटना की रात गुरजीत के घर के पास देखा था। हालांकि उसने चेहरा छिपाने की कोशिश की थी, लेकिन तकनीक की मदद से उसे पहचाना गया।
  • गुरजीत के नाखूनों में लगा था रजिंदर का खून : गुरजीत सिंह ने अपनी जान बचाने के लिए कड़ा संघर्ष किया था। संघर्ष के दौरान आरोपी का डीएनए गुरजीत के नाखूनों और कपड़ों पर मिला, जो अदालत में सबसे ठोस सबूत बना। पुलिस को वह चाकू कभी नहीं मिला जिससे हत्या की गई थी, लेकिन घावों की गहराई और प्रकृति से यह साफ था कि हमला बहुत ही हिंसक और क्रूर था।
  • आरोपी का झूठा बचाव: मुकदमे के दौरान राजिंदर ने दावा किया था कि वह सिर्फ गुरजीत को “डराने” गया था और उसने आत्मरक्षा में वार किया। हालांकि, 46 घावों और गुरजीत के भागने की कोशिशों ने इस दावे को झूठा साबित कर दिया। जांच अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तारी के बाद और पूरे मुकदमे के दौरान रजिंदर के चेहरे पर कोई पछतावा या दुख नहीं दिखा।
2016 में पिता ने जमीन बेचकर भेजा था न्यूजीलैंड
निशान सिंह ने बताया कि गुरजीत सिंह 2016 में अपने बेहतर भविष्य के लिए न्यूजीलैंड आया था। उसे न्यूजीलैंड भेजने के लिए उन्होंने अपनी जमीन भी बेच दी थी। निशान सिंह ने कोर्ट में भी कहा था कि न उनका बेटा रहा और न ही उनकी जमीन। इस हत्या ने उन्हें पारिवारिक और आर्थिक रूप से “बर्बाद” कर दिया है।
घर के बाहर मिला था गुरजीत का शव
गुरजीत सिंह का शव उनके घर के बाहर मिला था और खिड़की के कांच टूटे हुए थे, जिससे संकेत मिले कि उन्होंने अपनी जान बचाने के लिए संघर्ष किया और भागने की कोशिश की थी। हत्या की जांच में अस्सी पुलिस कर्मियों ने हिस्सा लिया, जिनमें से कुछ आठ दिनों तक घटनास्थल पर रहे। कुछ को वेलिंगटन जितनी दूर से भी भेजा गया था। सीसीटीवी और डीएनए सबूत इस मामले में निर्णायक साबित हुए।
गुरजीत का शव भारत लाने के लिए किया चंदा
गुरजीत की मौत के बाद ड्युनेडिन के स्थानीय लोगों और भारतीय समुदाय ने मिलकर ‘Givealittle’ पेज के जरिए हज़ारों डॉलर जुटाए ताकि उनके शव को भारत वापस भेजा जा सके और उनके माता-पिता की मदद की जा सके।
एक सप्ताह बाद पत्नी ने जाना था न्यूजीलैंड
गुरजीत सिंह की शादी हत्या से आठ महीने पहले हुई थी। डिटेक्टिव सीनियर सार्जेंट निक लेघ ने सजा सुनाए जाने से पहले मीडिया को बताया कि गुरजीत सिंह “अपनी पत्नी के साथ एक नया जीवन शुरू करने वाले थे, जो उनकी हत्या के एक हफ्ते बाद ही न्यूजीलैंड आने वाली थी।
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