Wednesday, August 12, 2026
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US के ईरानी ट्रेड पार्टनर्स पर लगाए 25% टैरिफ का भारत पर नहीं होगा असर

अमेरिका ने ईरान से ट्रेड करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने का ऐलान किया है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर से टैरिफबाजी शुरू कर दी. सत्ता में आने के बाद से वह इसको लेकर खूब सुर्खियों में रहे थे. मगर कुछ दिनों तक शांत रहने के बाद अब उन्होंने ईरान में हो रहे आन्तरिक संघर्ष का हवाला देते हुए. ईरान से साथ ट्रेड करने वाले देशों पर अतिरिक्त 25 फीसदी का टैरिफ लगाने का ऐलान किया है. चूंकि, भारत भी ईरान से ट्रेड करता है इसलिए इस पर चर्चा तेज हुई कि भारत पर इसका क्या असर पड़ेगा? सरकारी सूत्रों की मानें तो 25 प्रतिशत टैरिफ लगाने की नई चेतावनी का भारत पर बहुत कम असर पड़ने की संभावना है.
ट्रंप ने मंगलवार को कहा कि तेहरान के साथ व्यापार करने वाले देशों पर 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा और यह तुरंत लागू होगा. कार्यकर्ताओं के मुताबिक, ईरान में पूरे देश में चल रहे विरोध प्रदर्शनों में अब तक मरने वालों की संख्या 2,000 से ज्यादा हो गई है. ट्रंप ने सोशल मीडिया पर कहा कि तुरंत लागू, इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ ईरान के साथ व्यापार करने वाला कोई भी देश, अमेरिका के साथ हो रहे हर तरह के व्यापार पर 25 प्रतिशत टैरिफ देगा. यह आदेश अंतिम और साफ है.
मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि टैरिफ को लागू करने को लेकर अभी कोई साफ जानकारी नहीं है, क्योंकि ट्रंप प्रशासन ने इस पर अब तक कोई फॉर्मल नोटिफिकेशन जारी नहीं किया है. अगस्त में ट्रंप ने भारत पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया था, जिसमें भारत की ओर से रूसी कच्चे तेल की खरीद पर 25 प्रतिशत अतिरिक्त शुल्क शामिल था. अगर भारत नई टैरिफ व्यवस्था के दायरे में आता है, तो भारतीय सामानों पर टैक्स 50 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ सकता है.

ईरान का टॉप ट्रेड पार्टनर नहीं है भारत

पिछले साल ईरान के साथ भारत का व्यापार 1.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर रहा, जो भारत के कुल व्यापार का करीब 0.15 प्रतिशत है. सूत्रों के मुताबिक, बाहरी आर्थिक हालात के कारण चालू वित्त वर्ष में ईरान के साथ भारत के व्यापार में और गिरावट आने की संभावना है. ईरान के साथ भारत का मौजूदा व्यापार काफी सीमित है और इसमें ज्यादातर खाद्य सामान और दवाइयां शामिल हैं. ट्रंप ने अपने पहले कार्यकाल में जो प्रतिबंध लगाए थे, उनके कारण भारत ने मई 2019 में ईरान से तेल आयात करना बंद कर दिया था.
2024 में ईरान का कुल आयात करीब 68 बिलियन अमेरिकी डॉलर का था. ईरान के बड़े आयात भागीदारों में UAE (21 बिलियन अमेरिकी डॉलर या 30 प्रतिशत), चीन (17 बिलियन अमेरिकी डॉलर या 26 प्रतिशत), तुर्की (11 बिलियन अमेरिकी डॉलर या 16 प्रतिशत) और यूरोपीय संघ (6 बिलियन अमेरिकी डॉलर या 9 प्रतिशत) शामिल थे. भारत, ईरान के चाबहार पोर्ट प्रोजेक्ट में एक विकास साझेदार है. दोनों देशों के बीच पोर्ट पर एक टर्मिनल के विकास को लेकर 10 साल का समझौता है. ट्रंप प्रशासन ने चाबहार पोर्ट के लिए अक्टूबर 2024 से लागू होने वाले अमेरिकी प्रतिबंधों से छह महीने की छूट दी थी.
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