Friday, August 14, 2026
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DIG रिश्वत मामला : दो फॉरेंसिक एक्सपर्टर्स को अतिरिक्त गवाह के तौर पर शामिल किए जाने की अनुमति

सीबीआई की ओर से अभियोजन पक्ष की ओर से दायर आवेदन में 27 फरवरी और 2 अप्रैल की रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेने की मांग की गई थी।

रिश्वत मामले में फंसे पंजाब पुलिस के निलंबित डीआईजी एच.एस. भुल्लर के मामले में सोमवार को विशेष अदालत ने सुनवाई के दौरान फॉरेंसिंक साइंस लैब (सीएफएसल ) की रिपोर्ट्स को रिकार्ड पर लेते हुए दो फॉरेंसिक एक्सपर्टर्स को अतिरिक्त गवाह के तौर पर शामिल किए जाने के अभियोजन पक्ष के आवेदन को मंजूर कर लिया।
सीबीआई की ओर से अभियोजन पक्ष की ओर से दायर आवेदन में 27 फरवरी (आरोपी कृष्णू शारदा के हैंडवॉश की रिपोर्ट) और 2 अप्रैल (मोबाइल डाटा) की रिपोर्ट को रिकार्ड पर लेने की मांग की गई थी। अदालत ने इस आवेदन को मंजूर करते हुए दो वैज्ञानिक अधिकारियों अर्चना नेगी और शिवानी शर्मा को अतिरिक्त गवाह के तौर पर शामिल किए जाने की अनुमति दे दी।
अदालत ने यह भी निर्देश दिया कि फॉरेंसिक रिपोर्ट्स और मोबाइल फोन /सिम कार्ड से प्राप्त डेटा की साफ्ट कॉपी सीलंद लिफाफे में आरोपियों के वकीलों के माध्यम से मुफ्त उपलब्ध कराई जाएं। बचाव पक्ष को उसकी जांच के लिए 24 अप्रैल का समय दिया गया है। इसी दिन सीएफएसएल की रिपोर्ट आना संभव है। सीएफएसएल रिपोर्ट के इंतजार के लिए अदालत पहले ही उक्त तिथि तय कर चुकी थी।
सुनवाई के दौरान सामने आया कि कुछ बैंक खातों को डी-फ्रीज कर दिया गया था, जिसकी पुष्टि बचाव पक्ष वकीलों ने की । अदालत में बचाव पक्ष ने मुद्दा उठाया कि पिछले वर्ष 29 अक्तूबर को डीसी कॉम्पलेक्स मोहाली से अनुपालना रिपोर्ट अभी तक प्राप्त नहीं हुई है। जबकि दूसरे विभाग से अनुपालन रिपोर्ट 16 नवंबर को प्राप्त हो गई थी। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि यह बात पहले कभी अदालत के सामने नहीं रखी गई।
इस पर अदालत ने 29 अक्तूबर के आदेश की प्रति बचाव पक्ष के वकील को दस्ती देेने के निर्देश दिए, ताकि उसे आज ही डीसी कॉम्पलेक्स मोहाली से संंबंधित अधिकारी तक पहुंचाकर जरूरी कार्रवाही करवाई जा सके। सीबीआई की अर्जी पर बचाव पक्ष जवाब दाखिल करेगा : वहीं, पिछली तिथि में सीबीआई की ओर से अर्जी दायर की गई थी।
पीआई यानी प्राथमिक जांच के तौर पर अर्जी दाखिल कर मोबाइल, मूल दस्तावेज और नकदी कब्जे में लेने की अनुमति मांगी की गई थी। इस अर्जी पर अदालत ने बचाव पक्ष को 22 अप्रैल को विस्तृत से जवाब दाखिल करने को कहा। इस अर्जी पर 24 को बहस संभव है।
इसके बाद ही डीआईजी भुल्लर और बिचौलिए कृष्णू शारदा की मामले में संज्ञान लिए जाने के अदालत के फैसले दिए जाने की चुनौती की अर्जी को सुना जाएगा। बचाव पक्ष की अर्जी का सीबीआई पिछली तिथि में विरोध जता चुकी थी।
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