एक शहर, एक गुनाह, लेकिन पुलिस की कारवाई रसुखदार राजन चोपड़ा पर अलग व दूसरे पर अलग 

एक शहर, एक गुनाह, लेकिन पुलिस की कारवाई रसुखदार राजन चोपड़ा पर अलग व दूसरे पर अलग

जालंधर (वीओपी ब्यूरो) रविवार को जालंधर शहर के दो होटलो द्वारा धारा 188 का उल्लंघन किया गया था | पहले केस मे गुलशन पेलेस मे शादी समारोह मे ज्यादा लोग एकत्रित होने के चलते उसके मालिक राज कुमार सहित अन्य लोगो पर पुलिस डिवीजन नंबर 3 मे मामला दर्ज किया गया | बिलकुल इसी तरह होटल रमाडा मे भी एक शादी समारोह चल रहा था | जहां धारा 188 की उलंघना की जा रही थी | लेकिन जालंधर के थाना न्यू बरादरी पुलिस द्वारा होटल रमाडा के मालिक को पर्चे मे नामजद न कर उसके जनरल मेनेजर व अन्य पर पर्चा दर्ज कर दिया गया । एक शहर, एक ही तरह का गुनाह लेकिन गुनाहागारों पर जालंधर पुलिस का शिंकजा अलग-अलग ।

दरसल होटल रमाडा का मालिक शहर मे सेंट सोल्जर नामक स्कूल्स व कालोनिया काटने वाले अनिल चोपड़ा का लड़का राजन चोपड़ा है । इन चोपड़ा बाप बेटे पर कई तरह के केस चले लेकिन हर बार किसी न किसी तरह के जुगाड़ से यह दोनों बचते रहे । कल जब सरकार की गाइड लाइंस की धज्जिया उढ़ाई गई तो पुलिस राजन चोपड़ा के दबाव मे आ गई व आनन फानन मे राजन चोपड़ा को छोड़ होटल रमाडा के जनरल मेनेजर पर पर्चा दर्ज कर खानापूर्ति कर दी गई ।

शहर मे चर्चाओं का बाज़ार गरम है की रमाडा होटल के मालिक राजन चोपड़ा ने अपने रसूख का इस्तेमाल करते हुए उन पर दर्ज होने वाले केस को स्टाफ पर दर्ज करवा अपना सिक्का चलवा लिया । राजन चोपड़ा इससे पहले भी बड़े लोगो के साथ अपनी सेटिंग को लेकर चर्चा मे रहा है । इसके खिलाफ जितनी भी शिकायते आई इस ने हमेशा उनको अपने रसूख के चलते दबा दिया ।

जब एक शहर दो कानून के बारे मे डीसीपी लॉं एंड आर्डर जगमोहन सिंह से बात की गई तो पहले उन्होने जांच के बाद नाम नामजद कर लेने की बात कही | जब इस मामले पर डीसीपी इन्वैस्टिगेशन गुरमीत सिंह से बात की गई तो उन्होने कहा कि गुलशन पेलेस में कोई मेनेजर नहीं बैठता, इस लिए उसके मालिक के खिलाफ पर्चा दर्ज किया गया है । डीसीपी की बात सुनने के बाद जब हमने गुलशन पेलेस मे संपर्क साधा तो उन्होने बताया कि हमारे पेलेस में  मेनेजर भी है और जनरल मेनेजर भी है ।

अब इस सब के बाद आप खुद ही अंदाज़ा लगा सकते है कि रसूखदार होटल रमाडा के मालिक राजन चोपड़ा का रसूख व पहुंच कितनी ज्यादा है , बहरहाल जो भी है जालंधर के रहने वाले पुलिस की इस दोहरी कार्यप्रणाली से स्तब्ध हैं ।

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